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दुर्ग

मध्यम कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्यवाही करें- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

दुर्ग | महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने आज दुर्ग के सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, पोषण की गुणवत्ता, और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि परियोजना अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें। जिन केंद्रों में सुविधाओं की कमी है, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए। बच्चों को मिलने वाला पोषण गुणवत्तापूर्ण हो, इसकी ज़िम्मेदारी अधिकारियों की है। उन्होंने ‘पोषण ट्रैकर’ में 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्व-सहायता समूहों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही, ताकि उन्हें रेडी-टू-ईट, स्थानीय उत्पाद निर्माण एवं विपणन से जोड़ा जा सके और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि जिन क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा है, वहां ज़िला अधिकारी और परियोजना अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लें और कार्ययोजना बनाकर काम करें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्तियों की भी जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

बैठक में बताया गया कि जिले में 770 गंभीर रूप से कुपोषित और 5669 मध्यम कुपोषित बच्चे हैं। इस पर मंत्री  राजवाड़े ने निर्देश दिए कि मध्यम कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने परियोजना अधिकारियों को कहा कि कार्यालयों तक सीमित न रहकर फील्ड में जाएं और जमीनी स्तर पर कार्य करें। इस समीक्षा बैठक में दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक  गजेन्द्र यादव, एडीएम  अरविन्द एक्का, जिला पंचायत सीईओ  बजरंग दुबे, एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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